कविताएं : दो जून की रोटीgkdewangan1818 hours ago1 min readदो जून की रोटी अर्थात दो वक्त की रोटी जुटाना मनुष्य की प्राथमिक आवश्यकता होती है।इसी पर केन्द्रित घनश्याम कुमार देवांगन की दो कविताएं प्रस्तुत हैं -*****
पंडवानी के पितामह अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायक झाड़ूराम देवांगन की पुण्य स्मृति में 14 जून को भिलाई में आयोजित होगा जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह
देवांगन समाज के आदि ग्रंथ देवांगन पुराण की दुर्लभ दो पांडुलिपियों को शासन ने किया संरक्षित : कथावाचक पंडित संतोष राव का शासन ने किया सम्मान : देवांगन समाज में हर्ष
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