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देवांगन समाज के आदि ग्रंथ देवांगन पुराण की दुर्लभ दो पांडुलिपियों को शासन ने किया संरक्षित : कथावाचक पंडित संतोष राव का शासन ने किया सम्मान : देवांगन समाज में हर्ष

  • gkdewangan18
  • 7 days ago
  • 3 min read

रायपुर (देवांगन टाइम्स)। देवांगन समाज के प्रसिद्ध कथावाचक नगर पंचायत खरोरा निवासी 76 वर्षीय पंडित संतोष राव के पास सुरक्षित रखे हुए देवांगन पुराण की दो दुर्लभ पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया गया है। इन दुर्लभ पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेडक्रॉस सभा कक्ष में पंडित संतोष राव को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आह्वान पर ज्ञानभारतम मिशन के अंतर्गत जिले में सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। शासन की ओर से कलेक्टर रायपुर के द्वारा पंडित संतोष राव को सम्मानित किए जाने पर देवांगन समाज के वरिष्ठ घनश्याम कुमार देवांगन ने हर्ष व्यक्त करते हुए इसे देवांगन समाज के लिए गौरवशाली एवं बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने पं. संतोष राव एवं उनके परिवार द्वारा इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित रखने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है।

पंडित संतोष राव के पास देवांगन समाज की ईष्ट देवी माता परमेश्वरी से संबंधित देवांगन पुराण की दो पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। इनमें पहली पांडुलिपि लगभग 350 वर्ष पुरानी है जो भोजपत्र पर लिखित है और इसमें 101 पृष्ठ हैं। दूसरी पांडुलिपि लगभग 100 वर्ष पुरानी है, जिसमें 151 पृष्ठ शामिल हैं। दोनों पांडुलिपियां ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण करना हमारी समृद्ध विरासत को बचाने में महत्वपूर्ण योगदान है। इन प्राचीन पांडुलिपियों को संरक्षित रखने के लिए पं. संतोष राव साधुवाद के पात्र हैं। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ये दोनों पांडुलिपियां पीढ़ियों से उनके परिवार द्वारा सुरक्षित रखी गई हैं। भोजपत्र पर लिखी 350 वर्ष पुरानी पांडुलिपि धार्मिक आस्था के साथ ही विशेष रूप से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर विगत दिनों प्रशासनिक अमला पंडित संतोष राव के निवास स्थान खरोरा पहुंचा था। उन्होंने उक्त दुर्लभ पांडुलिपियां का अवलोकन किया और ज्ञान भारतम ऐप में उनकी पूरी जानकारी, फोटो और विवरण अपलोड किया। ज्ञान भारतम योजना का उद्देश्य देशभर में बिखरी प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण कर उन्हें भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित करना है। दुर्लभ पांडुलिपियों को सहेज कर रखने के लिए शासन की ओर से एसडीएम आशुतोष कुमार देवांगन, तहसीलदार खरोरा चंद्रशेखर मंडई, अतिरिक्त तहसीलदार सूर्यकांत कुंभकार और सीएमओ खरोरा ओमप्रकाश सिंह ने पंडित संतोष राव को उनके निवास पर ही शाल व श्रीफल देकर सम्मानित किया था।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में परमेश्वरी भवन भिलाई में आयोजित एक भव्य समारोह में देवांगन जन कल्याण समिति भिलाई नगर के तात्कालीन अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन एवं टीम के द्वारा पंडित संतोष राव जी को देवांगन पुराण एवं माता परमेश्वरी की कथा प्रवचन कर उनकी महिमा को कथा प्रवचन के जरिए जन-जन तक पहुंचाने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित "परमेश्वरी सेवा रत्न अलंकरण" प्रदान कर सम्मानित किया जा चुका है।

यह उल्लेख करना आवश्यक है कि देवांगन पुराण में देवांगन समाज की कुलदेवी माता परमेश्वरी का पृथ्वी पर अवतरण एवं उनके द्वारा आदि पुरुष दीपचंद एवं आदि माता हरिणी की उत्पत्ति, उनका विवाह, वंश वृद्धि, गोत्रों की उत्पत्ति, वस्त्र निर्माण, राक्षसों का संहार, माता परमेश्वरी की आराधना एवं पूजा विधि आदि प्रसंगों का विस्तृत विवरण मिलता है। इस सम्पूर्ण कथा प्रसंग को प्रवचन कर्ता अपने रोचक शैली में देवांगन पुराण कथा के धार्मिक आयोजन के अवसर पर मधुर संगीत के साथ श्रद्धालुओं एवं भक्तों को सुनाते हैं। इस तरह देवांगन पुराण ऐतिहासिक एवं धार्मिक ग्रंथ के रूप में समग्र देवांगन समाज के लिए पूजनीय है। यह पांडुलिपियां हमारी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक परंपरा का जीवंत दस्तावेज हैं।

पंडित संतोष राव ने बताया कि उनके पूर्वजों ने इन ग्रंथों को संभालकर रखा था। अब शासन की इस पहल से इन पांडुलिपियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और शोधकर्ताओं को भी लाभ होगा। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि पांडुलिपियों के संरक्षण में शासन द्वारा हर संभव मदद किया जाएगा।



 
 
 

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