छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने विभिन्न समाजों के 11 विशिष्ट समाज सेवियों को सामाजिक समरसता राज्य अलंकरण 2026 से किया सम्मानित
- gkdewangan18
- Mar 23
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Updated: Mar 24

• छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने विभिन्न समाजों के 11 विशिष्ट समाज सेवियों को सामाजिक समरसता राज्य अलंकरण 2026 से किया सम्मानित
• छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता बनाए रखने में सर्व समाज संगठन का योगदान सराहनीय : ललित चंद्राकर
भिलाई (देवांगन टाइम्स)। छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन के द्वारा रविवार को महात्मा गांधी कला मंदिर भिलाई में राज्य स्तरीय सामाजिक समरसता सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन कर विभिन्न समाज के 11 विशिष्ट समाज सेवियों को समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए "सामाजिक समरसता राज्य अलंकरण 2026" से सम्मानित किया गया। अलंकरण से सम्मानित होने वालों में डॉक्टर डीपी देशमुख, ब्रह्मदेव पटेल, संत कुमार केसकर, घनश्याम कुमार देवांगन, चंदूलाल मरकाम, भोजराम डड़सेना, बेनीराम गंधर्व, द्वारिका प्रसाद यादव, धानेश्वर कुमार निर्मल, भागवत सोनी एवं अनुरूप साहू शामिल हैं। इसके अलावा समारोह में संगठन के संरक्षक सदस्यों का भी सम्मान किया गया। समारोह में उपस्थित विधायक ललित चंद्राकर ने अपने उद्बोधन में सभी समाजों के बीच सामाजिक समरसता कायम करने में योगदान देने वाले समाज सेवियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे विशिष्ट समाज सेवियों का सम्मान करना प्रशंसनीय एवं गर्व की बात है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की अस्मिता को बचाने के लिए सर्व समाज संगठन के रचनात्मक गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने संगठन के संरक्षक सदस्यों को शाल श्रीफल एवं पुष्पाहार से सम्मानित किया। महात्मा गांधी कला मंदिर सिविक सेंटर भिलाई में आयोजित भव्य समारोह में सभी वक्ताओं ने सभी समाज के लोगों के बीच सौहार्द, सामंजस्य एवं सामाजिक समरसता बनाए रखने हेतु आगे आने का आह्वान किया।

समारोह की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष मेघनाथ यादव ने की। विशेष अतिथि नगर पालिक निगम रिसाली की महापौर शशि सिन्हा, सेफी एवं ओए बीएसपी भिलाई के प्रेसिडेंट नरेंद्र बंछोर एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय), के रजिस्ट्रार भूपेन्द्र कुलदीप थे।
समारोह को संबोधित करते हुए सेफी एवं ऑफिसर्स एसोसिएशन भिलाई के प्रेसिडेंट नरेंद्र बंछोर ने कहा कि सभी समाजों को जोड़कर एकता एवं सामंजस्य बनाकर के साथ आगे चलना यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। संगठन का उद्देश्य बहुत ही स्पष्ट और अच्छा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को संगठन के उद्देश्यों पर खरा उतरने एवं संगठन के विस्तार हेतु शुभकामनाएं दी। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग विश्वविद्यालय), के रजिस्ट्रार भूपेन्द्र कुलदीप ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के साथ ही युवाओं में अनुशासन एवं अच्छे संस्कार डालकर उन्हें श्रेष्ठ नागरिक बनाने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। संगठन के महामंत्री लखन साहू ने संगठन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए इसका उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ के लोगों का ही वर्चस्व हो, इसका नेतृत्व छत्तीसगढ़ के लोग ही करें, यहां के सभी समाज के लोग मिलजुलकर एक होकर छत्तीसगढ़ के विकास एवं समृद्धि के लिए कार्य करें, यही संगठन का उद्देश्य है । कार्यक्रम में सर्व समाज के प्रदेश अध्यक्ष मेघनाथ यादव, महामंत्री लखनलाल साहू, कोषाध्यक्ष जीवन सिन्हा, प्रदेश महिला अध्यक्ष कुमुद ताम्रकार, महिला संयोजिका सुमन देवांगन, संगठन सचिव अशोक साहू विशेष रूप से मंच पर उपस्थित रहे। देर तक चले सम्मान समारोह का संयुक्त संचालन घनश्याम कुमार देवांगन, अनुरूप साहू एवं विजय कुमार रात्रे ने कुशलतापूर्वक पूर्वक किया। आभार प्रदर्शन ब्रम्हदेव पटेल ने किया।

सरगुजा से आए हुए साहित्यकार रंजीत सारथी ने सरगुजिहा छत्तीसगढ़ी में गीत प्रस्तुत किया। उनका एवं सरगुजिहा कलाकार आनंद यादव का उनकी विशेष उपलब्धियों के लिए पुष्पहार, शाल एवं श्रीफल के द्वारा संगठन की ओर से सम्मान किया गया। लोक कलाकार राकेश साहू गुण्डरदेही एवं टीम ने आकर्षक एवं सुमधुर छत्तीसगढ़ी गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पंथी कलाकारों ने बेहतरीन नृत्य का प्रदर्शन किया। समारोह के आरंभ में आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के प्रतिष्ठित कलाकार डॉ कृष्ण कुमार पाटिल एवं उनकी टीम ने छत्तीसगढ़ महतारी की आरती, वंदना एवं छत्तीसगढ़ी लोक गीत प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। गायक रामगोपाल देवांगन, लक्ष्मीनाथ देवांगन एवं अन्य कलाकारों ने देशभक्ति एवं प्रेरणास्पद संगीतमय गीत प्रस्तुत कर समां बांधा।

समारोह में दुर्ग, बालोद, धमतरी, बेमेतरा, राजनांदगांव, रायपुर , बिलासपुर, अभनपुर, सरगुजा आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
आयोजन को सफल बनाने में सर्व समाज संगठन के संरक्षकों, आजीवन सदस्यों, पदाधिकारियों, महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों आदि का विशेष योगदान रहा।


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